शुद्ध और निष्काम भावों से होती है ईश्वर की प्राप्ति
शामली, जेएनएन। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में इस्कॉन धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने विभिन्न प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की प्राप्ति हमारे भावों पर निर्भर करती है। तपस्या करने, रोजाना मंदिर के घंटे बजाने आदि से भगवान नहीं मिलते। अगर हमारे भाव शुद्ध और निष्काम हैं तो प्रभु से हमारे मिलन को कोई नहीं रोक सकता। . . .
पूरी कहानी पढ़ने के लिये क्लिक करें
Discover more from Akincana Gocara
Subscribe to get the latest posts sent to your email.