आर्य समाजियों को जवाब
इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद कहते हैं कि, ”अगर आप धोखा खाना चाहते हो तो आपको ठगी और धोखा देने वाले मिल जायेंगे|” आजकल हम समाज में ऐसे ही ठग और धोखे बाज़ लोगों को देख रहे हैं| जो शास्त्रों को अपने मनगढ़ंत तरीके से पेश करते हैं| कुछ समय पहले गुजरात के प्रसिद्द कथाकार ने भगवान कृष्ण और बलराम में अभद्र टिपण्णी करी थी| तो कुछ मूर्ख असुरों ने सोचा की, क्यूँ ना हम भी इस मौके पर कुछ बोलें| इसका अवसर आर्य समाज के लोगों ने उठाया और कई आक्षेप लगाए हें जिन्हें आप विडियो में देख सकते हैं|
आर्य समाजीओं के आक्षेप : –
– बलराम व्यभिचारी थे ?
– गोपीओं का शोषण किया?
– अधर्मी और नशेडी थे (इस वीडियों उत्तर दिया है)
इनके आधारहीन तर्कों का शास्त्र आधारित जवाब। आर्य समाज शास्त्रों के झूठे अर्थघटन के लिये प्रसिद्ध है। सभी वैष्णवों को ऐसे धूर्त लोंगों को जवाब देना चाहिए।
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