जगदगुरु श्रील A.C. भक्तिवेदांता स्वामी प्रभुपाद ने विश्व भर के महानतम लोगो अपनी शिक्षाओ की तरफ आकृष्ट किया है। भारतवर्ष में वैष्णव धर्म को यथारूप स्थापित किया है। उनकी पुस्तकों एवं शिक्षाओं को सभी वैष्णव सम्प्रदाय के आचार्यो ने मानक के रूप में स्वीकार किया है। इसी तरह से मलूक पीठ श्री राजेंद्र दास जी महाराज जो की रामानंदी सम्प्रादये से समभंद रखते है अपने एक व्यत्क्व्ये में बताते हैं की भगवान कृष्ण के भक्त, वैष्णव को नशा नहीं करना चाहिए।
इस संदर्भ में वे महान् आचार्य श्रील प्रभुपाद जी का गुणगान करते हैं कि उन्होंने विदेश में जाकर अमरीकी और यूरोपियन लोगों की चाय – कॉफी छुड़ा दी, प्याज लहसुन तो बहुत दूर की बात है। राजेंद्र दास महाराज जी आगे बताते हैं कि यहां भारत में देख लीजिए अपने आपको धार्मिक, महात्मा बताने वाले लोग चाय कॉफी के आदी हैं, वह प्याज लहसुन खाना नहीं छोड़ रहे हैं। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
आप इस वीडियो में उनका पूरा व्यतव्य सुन सकते है।
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